होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Wednesday, 21 November 2018

यूँ तो उसने मुझसे रंजिश रक्खा बहुत

यूँ तो उसने मुझसे रंजिश रक्खा बहुत
फिर भी मिला तो लिपट के रोया बहुत

पहले तो, हिचकियाँ ले रोता रहा, फिर
अपने बारे में कहा,मेरा भी सुना बहुत

उसकी आँखे झील व निगाहें शिकारा
पहलु -ऐ - कश्मीर  में  मै रहा  बहुत

मुकेश इलाहाबादी ---------------------

No comments:

Post a Comment