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Friday, 28 December 2018

अलविदा 2018

गुज़रते
हुए साल की चादर में
लपेट ली है
दोस्तों का प्यार
अपनों का एहसास
चाहने वालों की बातें
खूबसूरत चेहरे वालों की हंसी 
अपनों का गुस्सा और प्यार 
कुछ खट्टी - कुछ मीठी यादें तुम्हारा गुस्सा
और
इस असबाब को ले के
क़दम बढ़ा दूंगा
साल 2019 की पायदान पे
फिलहाल - अलविदा 2018


मुकेश इलाहाबादी -------------

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