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Friday, 13 March 2026

चाय के कप में बची हुई तुम्हारी याद

 चाय के कप में बची हुई तुम्हारी याद


मेज़ पर

रखा है

चाय का एक कप।


चाय लगभग

ख़त्म हो चुकी है,

पर कप की दीवारों से

अब भी

हल्की-सी गर्माहट लगी है।


जैसे

तुम्हारी कोई बात

धीरे-धीरे

याद बनकर रह गई हो।


कप खाली है

पर उसमें

अब भी

थोड़ी-सी

तुम्हारी याद बची हुई है। 


मुकेश ,,,,,,,,,

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