आकाशगंगा के अभिलेख
आकाशगंगा
कोई दृश्य मात्र नहीं
वह अभिलेखागार है,
प्रकाश-वर्षों में लिखा हुआ।
उसकी सर्पिल भुजाएँ
धूल और गैस की पंक्तियाँ हैं,
जहाँ तारों की जन्मतिथियाँ
धीमे-धीमे दर्ज होती रहती हैं।
केंद्र में
एक अतिभारी मौन
गुरुत्व का ऐसा हस्ताक्षर
जिसके चारों ओर
अरबों तारे
अपनी-अपनी परिक्रमा-तारीख़ निभाते हैं।
हर तारा
एक फ़ाइल है,
जिसमें दर्ज है
उसकी रचना का ताप,
उसकी आयु का अनुमान,
और उसका संभावित अंत।
पुराने तारों के समूह
प्राचीन अध्याय हैं
धात्विकता कम,
पर स्मृति गहरी।
नवयुवा तारे
अभी-अभी जोड़े गए पृष्ठ,
नीली दीप्ति में चमकते हुए।
स्पेक्ट्रोस्कोपी
उन अभिलेखों को पढ़ने की विधि है—
प्रकाश की रेखाएँ
बताती हैं
कौन-सा तत्व
किस अनुपात में उपस्थित है।
इस प्रकार
आकाशगंगा का इतिहास
रक्तिम, नीली और श्वेत रेखाओं में
संरक्षित है।
कॉस्मिक किरणें
उसके हाशिये पर लिखी टिप्पणियाँ हैं,
और डार्क मैटर
वह अदृश्य अनुक्रमणिका
जो सबको एक साथ बाँधे रखती है।
हमारा सूर्य
उस विशाल संग्रहालय का
एक साधारण अभिलेख है—
पर उसी के भीतर
पृथ्वी की प्रस्तावना लिखी गई।
जब हम रात में
दूधिया पट्टी को देखते हैं,
तो केवल सौंदर्य नहीं देखते
हम एक चलायमान पुस्तकालय को
निहार रहे होते हैं।
आकाशगंगा के अभिलेख
किसी पत्थर पर नहीं,
प्रकाश में सुरक्षित हैं।
और हम
उन अभिलेखों के
जीवित उद्धरण।
हर खोज
एक नया पृष्ठ खोलती है।
हर प्रश्न
एक अनपढ़ा अनुच्छेद।
आकाशगंगा अब भी लिख रही है
और समय
उसकी स्याही है।
मुकेश ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
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