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Saturday, 14 March 2026

मेघदूत का बादल और आज का डिजिटल संदेश

 मेघदूत का बादल और आज का डिजिटल संदेश


कभी

एक विरही यक्ष ने

बादल को संदेश दिया था—


दूर कहीं

प्रेमिका तक

अपने मन की बात पहुँचाने के लिए।


वह बादल

धीरे-धीरे

पर्वतों, नदियों और वनों के ऊपर से

गुज़रता हुआ

संदेश ले जाता था।


आज

बादल नहीं चलते—

उँगलियाँ चलती हैं

मोबाइल की स्क्रीन पर।


एक छोटा-सा संदेश

पलक झपकते ही

सैकड़ों मील पार कर लेता है।


फिर भी

कभी-कभी लगता है—

उस पुराने बादल में

कुछ और ही बात थी।


क्योंकि

Meghaduta

का वह संदेश

सिर्फ़ शब्द नहीं था,

उसमें

पूरा आकाश

और एक विरह भरा दिल

साथ चलता था।


मुकेश ,,,,,,,,,,

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