एक अधूरी मुलाक़ात का अर्थ
कुछ मुलाक़ातें
पूरी नहीं होतीं
वे बस
एक क्षण के लिए
समय की राह पर ठहरती हैं
और फिर
चुपचाप आगे बढ़ जाती हैं।
पहली नज़र में
वे अधूरी लगती हैं,
जैसे कोई वाक्य
अचानक बीच में रुक गया हो।
पर सच यह है
कि अधूरापन
हमेशा कमी नहीं होता,
कभी-कभी वही
किसी गहरे अर्थ की शुरुआत होता है।
उस एक पल में
जो बातें नहीं कही गईं,
जो हाथ नहीं थामे गए,
जो रास्ते साथ नहीं चले
वे ही
यादों की सबसे लंबी पगडंडी बन जाते हैं।
समय गुजरता है
और जीवन
नई दिशाओं में बहने लगता है,
पर वह एक क्षण
कहीं भीतर
वैसा ही ठहरा रहता है।
तब समझ में आता है
कि कुछ लोग
हमारे जीवन में
साथ चलने के लिए नहीं आते,
वे आते हैं
हमें एक पल के लिए
हमसे ही मिलाने।
और वही
अधूरी मुलाक़ात
धीरे-धीरे
जीवन का
सबसे गहरा अर्थ बन जाती है।
मुकेश ,,,,,,,,,,,
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