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Tuesday, 3 March 2026

दोनों गालों में डिम्पल वाली लड़की

 दोनों गालों में डिम्पल वाली लड़की

जब मुस्कुराती है,

तो लगता है जैसे

दो नन्हे चाँद

एक साथ उतर आए हों चेहरे पर।


उसकी हँसी सीधी नहीं जाती,

पहले दाएँ ठहरती है,

फिर बाएँ झुकती है,

और बीच में दिल

अपना रास्ता भूल जाता है।


वो दो छोटे-छोटे भंवर

नदी के नहीं,

किसी शरारती मौसम के लगते हैं

जहाँ फागुन ने

अपना स्थायी पता लिख दिया हो।


जब वह झेंपकर आँखें नीची करती है,

तो डिम्पल और गहरे हो जाते हैं,

जैसे ज़मीन पर हल्की-सी बारिश

मिट्टी को महका दे।


कितनी अजीब बात है

चेहरे पर बस दो नन्हे मोड़,

और देखने वाला

अपनी सारी गंभीरता

वहीं छोड़ आए।


दोनों गालों में डिम्पल वाली लड़की

दरअसल एक दुआ है

जिसकी हँसी में

दोनों तरफ़ से खुलता हुआ

एक पूरा आसमान बसता है।


मुकेश ,,,,,,,,,,,,,

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