“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”
जेब में रखा हुआ टूटा हुआ बटन
जेब में
पड़ा मिला
एक टूटा हुआ बटन।
कभी
किसी क़मीज़ पर
चुपचाप
अपनी जगह पर लगा होगा।
अब
न क़मीज़ है
न वह दिन—
बस
जेब की तह में
एक छोटा सा क़िस्सा है,
जो किसी
बीते हुए पल से
अब भी जुड़ा हुआ है।
मुकेश्,,,,
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