स्टेशन की खाली बेंच
स्टेशन की
एक खाली बेंच—
अभी कुछ देर पहले
यहाँ कोई बैठा होगा,
किसी ट्रेन का इंतज़ार करते हुए।
कुछ बातें
शायद हवा में रह गई हों,
कुछ ख़्वाब
पटरियों की ओर देख रहे हों।
अब
ट्रेन जा चुकी है,
लोग भी चले गए हैं—
और बेंच
अपनी लकड़ी की ख़ामोशी में
एक और इंतज़ार
सँभाल कर बैठी है।
मुकेश्,,,,
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