आधी भरी चाय का कप
मेज़ पर रखा है
आधी भरी चाय का कप।
भाप कब की
हवा में घुल चुकी है,
और चाय अब
धीरे-धीरे ठंडी हो रही है।
शायद
किसी ने बातों में
वक़्त भूल दिया,
या कोई ख़याल
अचानक
बहुत दूर ले गया।
कप अब भी वहीं है—
आधा भरा हुआ,
जैसे कोई अधूरी
सी बात
मेज़ पर रखी रह गई हो।
मुकेश्,,,,,
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