इतनी सफाई से क़त्ल करते हैं, मेहरबाँ





इतनी सफाई से क़त्ल करते हैं, मेहरबाँ
कतरा ऐ खून न पाओगे उनके खंज़र में
मुकेश इलाहाबादी ----------------------

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