कुछ ग़म कुछ उदासी कुछ तन्हाइयां, ये कुछ

 

कुछ ग़म कुछ उदासी कुछ तन्हाइयां, ये कुछ
तोहफे हैं जो पाए हैं हमने सोह्बत ऐ यार मे

तेरे हिज्र में रोना और तेरी  तेरे याद में रहना
फक्त इतना ही हासिल हुआ तुम्हारे प्यार मे

मुकेश इलाहाबादी ----------------------------

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