तस्वीरे यार हमने भी दिल मे बसा रक्खी है





तस्वीरे यार हमने भी दिल मे बसा रक्खी है
ये अलग बात वो हमसे कुछ कहती नही है!
मुकेश  इलाहाबादी --------------------------

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

हरिवंश पुराण - तृतीय खंड — भाग 26 - द्वारका का विस्तार

हरिवंश पुराण - भाग ३० — बाणासुर :