करके दोस्ती वो हमसे, पछता रहे हैं जनाब


करके दोस्ती वो हमसे, पछता रहे हैं जनाब
अब उन्हें कोई अच्छा लगता नहीं मेरे सिवा
मुकेश इलाहाबादी ------------------------------

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