होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक
ये बीमारे दिल अब तेरी यादों की बदौलत ज़िंदा है
ये बीमारे दिल अब तेरी यादों की बदौलत ज़िंदा है
वरना अब कोई दवाई या नुस्खा असर नहीं करता
मुकेश इलाहाबादी ---------------------------------------
No comments:
Post a Comment