मन का मनका बना, तेरे नाम की माला जपा किये

 
मन का मनका बना, तेरे नाम की माला जपा किये
तुम ही पत्थर के बुत निकले जो न मेरी कदर किये

मुकेश  इलाहाबादी ................................

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