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Friday, 27 September 2013

आँख भर आती है जब कोई मुहब्बत से देखता है




आँख भर आती है जब कोई मुहब्बत से देखता है
कि अब आदत सी हो गयी है बेरुखी सहने की
मुकेश इलाहाबादी --------------------------------

1 comment:

  1. आप सभी को नमस्कार ।
    आपका जीवन खुशहाल हो व आप जीवन कि नित नयी ऊचाईयों को छुयें यहीं कामना है हमारी प्रभु से।
    जय हिन्द
    वन्देमातरम
    सत्यमेव जयते
    जय हिन्दी
    जय हिंदुस्तान

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