खिलौना बन के रहोगे

खिलौना बन के रहोगे तो लोग खेलेंगे भी, तोड़ेंगे भी
कि ज़माना अभी अपने बचपने में ही है मुकेश
मुकेश इलाहाबादी -------------------------------------

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

हरिवंश पुराण - तृतीय खंड — भाग 26 - द्वारका का विस्तार

हरिवंश पुराण - भाग ३० — बाणासुर :