मिलती होगी दरख़्त से ज़िंदगी ऐ दोस्त ?

मिलती होगी दरख़्त से ज़िंदगी ऐ दोस्त ?
मौत के सौदागर इसे जड़ से उखाड़ लेते हैं
मुकेश इलाहाबादी ----------------------------

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