हर चेहरे पे मुस्कान दिखाई देती है

हर चेहरे पे मुस्कान दिखाई देती है
मुखौटों पे झूठी शान दिखाई देती है

ये झूठ है ज़िंदगी ख़ुदा की नेमत है
हमको तो इम्तहान दिखाई देती है

स्कूल से बच्ची अभी घर नही आयी
लड़की की माँ परेशान दिखाई देती है

खुशी और शुकूनियत की तलाश में
सारी दुनिया हलकान दिखाई देती है

भीड़ ही भीड़ है झूठ की राह पे मुकेश
सच की राह सुनसान दिखाई देती है

मुकेश इलाहाबादी --------------------

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