किसी और से हमने गुफ्तगू नहीं की

किसी और से हमने गुफ्तगू नहीं की
तुझसे उस दिन के मुलाक़ात के बाद
इक अरसा हुआ हमने शहर नही देखा
घर से नहीं निकला उस शाम के बाद

मुकेश इलाहाबादी --------------------
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