सुख , दुःख के हरहराते समंदर के बीच

सुख ,
दुःख के हरहराते
समंदर के बीच
तुम्हारी यादों का टापू

मुकेश इलाहाबादी --

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

हरिवंश पुराण - तृतीय खंड — भाग 26 - द्वारका का विस्तार

हरिवंश पुराण - भाग ३० — बाणासुर :