हे राजन!

हे राजन!
तुम्हारी किर्ति
सूरज की किरणों सा
पूरे संसार मे फैले
तुम्हारी किर्ति बढने से
राज्य की कीर्ति बढेगी

हे राजन!
तुम्हारी मंगल कामना करते हुये
तुम्हारे सम्मान का ध्यान रखते हुये
हम आपसे सिर्फ इतना कहना चाहते हैं
कि,
चद्रयान और मंगलयान की योजना बनाने के पहले
यह सुनिस्चित कर लिया जाए कि
राज्य के अतिंम व्यक्ति तक भोजन पहुंच गया है या नही
यह आप और राज्य दोनो के स्वास्थ्य के लिये अच्छा होगा

हे राजन!
हम आपसे अपेक्षा करते हैं कि
आप, आपसे पहले हुये राजाओं और ऋ़षियों दवारा स्थापित
‘वसुधैव कुटुम्बकम’
‘सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्व भवंतु निरामयः’
जैसे उच्च आर्दशों का आप व आपके मंत्री पालन करेंगे, और
राजर्धम की गरिमा को बनाये रखेंगे

इसी प्रार्थना के साथ
हम आपकी और पूरे राज्य की मंगल कामना करते हैं।
और यह यह अपेक्षा रखते हैं कि
आपके राज्य मे प्रजातंत्र की पूरी रक्षा रहेगी और
सभी धर्म सभी सम्प्रदाय सभी व्यक्ति उचित सम्मान पायेंगे
समाज द्वारा निर्धारित स्वतंत्रता का उपयोग करते हुये
सुख शांति से जीवन व्यापन करते रहेंगे

हे राजन!
इस प्रार्थना के साथ हम आपको पुनः प्रणाम करते हैं।

मुकेश इलाहाबादी ----------------------------------------

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