अनखिले रह जाते हैं

कुछ फूल
अनखिले
रह जाते हैं

एक
खूबसूरत कविता
लिखे जाने से
चूक जाती है 

(जिस दिन तुमसे
मुलाक़ात नहीं होती
बात नहीं होती)

मुकेश इलाहबदी --------

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है