Pages

Monday, 26 June 2017

तुम्हारी हंसी

तुम्हारी
हंसी की श्वेताभ किरणे
मेरे उदास चेहरे को भी
जगमग कर जाती हैं
और मै बच जाता हूँ
अंधेरे कुंए में डूबने से ...

मुकेश इलाहाबादी ---