यूँ , ही राह चलते मिल गया था

यूँ , ही राह चलते मिल गया था
वो एक ही नज़र में भा गया था

वो हमारा है हमारा ही रहेगा, ये
सितारों ने भी हमसे ये कहा था

मिल के उससे होश खो बैठा था
बातों में उसके जादू था नशा था

कंही मत जाना तुम यहीं रहना
लौट के आऊँगा जल्दी,कहा था

जिसकी बातें कह रहा हूँ, उसकी  
आँखे काली काली रंग गोरा था

मुकेश इलाहाबादी ---------------

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