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Sunday, 23 August 2020

उसकी मुहब्बत

 उसकी 

तरह उसकी मुहब्बत भी 

अल्हड़ और मासूम है 



पर इतना तय है 

उसकी खुशियों और नाराजगी की 

वज़हें अक्सर बहुत छोटी- छोटी होती है 


जैसे,,,


हो सकता है, वो आप के एक छोटे से 

कॉम्पलिमेंट से खुश हो के आप के गले लग जाए 

या हो सकता है 

एक ठोंगा भेलपूरी 

और दो पत्ते गोलगप्पे से खुश हो जाए 


या फिर हो सकता है 

आप किसी जरूरी काम में मशगूल हों 

और उसे अपनी कोइ गैर ज़रूरी बात बतानी हो 

(जो अक्सर गैर ज़रूरी ही होती है )

और वो आप की नाक या कान पकड़ के 

अपनी और मुँह कर सूना ही देती हो 

और आप को बहुत अच्छा कह के  

बात के अनुसार खुश या दुखी होना होता है 

वरना वो नाराज़ हो के 

आप के सीने पे मुक्की मारती हुई 

रोने भी लग सकती है 


(फिर आप को बहुत देर तक 

समझाना और मनाना पड़ सकता है )


या हो सकता है 

आप उससे मिलने जाओ और वो 

सिर्फ इस बात पे मुँह फुला ले 

कि आप उसके दिए हुए गिफ्ट वाला 

डीओ लगा के नहीं आये हो 

या  पसंद की शर्ट नहीं पहन रखी हो 


या फिर आप ने उसकी नई ड्रेस 

या हेयर इस्टाइल को नहीं गौर किया हो 


खैर,,,,

उसकी इस अल्हड बातों  के बावजूद 

उससे प्यार की खुशबू 

दुनिया के अच्छे से अच्छे 

और महंगे से महंगे डीओ से भी 

खुशबूदार है 



मुकेश इलाहाबादी ------------


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