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Friday, 13 March 2026

किताब के बीच दबा हुआ फूल

 किताब के बीच दबा हुआ फूल

किताब के बीच

दबा हुआ एक फूल मिला।

रंग अब

पहले जैसा नहीं रहा,

खुशबू भी

कहीं दूर चली गई है।

पर पन्नों के बीच

अब भी

एक पुरानी दोपहर

चुपचाप सो रही है।

लगता है

किसी ने

एक याद को

समय से बचाकर

यहीं रख दिया था। 

मुकेश्,,,, 


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