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Wednesday, 4 March 2026

वह हँसती है तो

 वह हँसती है

तो गालों में गड्ढे नहीं,

छोटे-छोटे कुएँ उतर आते हैं


जिनमें

धूप पानी बनकर चमकती है

और

मैं हर बार

बिना प्यास के भी

झुक जाता हूँ।


मुकेश ,,,,,,,

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