शब्दयात्री -- चाँद का अपराध

 शब्दयात्री  -- चाँद का अपराध

चाँद पर मुक़दमा चल रहा है।

आरोप है कि उसने

अनगिनत प्रेमियों को

वास्तविकता से भटकाया।


नदियों को ज्वार दिया,

कवियों को बेचैनी,

और स्त्रियों की आँखों में

अनावश्यक चमक भर दी।

चाँद मुस्कुरा रहा है।

अपराध सिद्ध हो चुका है,

पर दण्ड देने वाला

कोई नहीं।

मुकेश ,,,,,,,,

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