तुनुक मिज़ाज़ प्रेमिका

 तुनुक मिज़ाज़ प्रेमिका


अक्सर प्रेमिकाएँ

तुनुक मिज़ाज़ होती हैं—

जैसे हवा में खेलती धूप

हल्की, नर्म, और चुलबुली।


कल तक गुस्सा, आज हँसी,

आँखों में चमक और थोड़ी सी नासमझी।

कुछ कहती हैं, कुछ छुपाती हैं,

हर पल में जादू बिखराती हैं।


जब वे हँसती हैं,

सारे शहर की रौनक बढ़ जाती है।

और जब चुप हो जाती हैं,

तो दिल की हर धड़कन उनके नाम गाती है।


उनका मूड बदलता है,

जैसे बदलते हैं मौसम के रंग।

लेकिन हर बदलाव में

प्यार की मीठी मुस्कान छिपी रहती है।


तुनुक -मिज़ाज़ प्रेमिका—

एक तितली जैसी,

जो उड़ी, ठहरी, फिर लौट आई

और दिल को हर पल चुराती रही।


और जो इसे समझ सके,

जो इसे महसूस कर सके,

वही जान पाए

कि इस चुलबुलापन के पीछे

सच्चा प्यार छुपा है।


मुकेश ,,,,,,,,

Comments


  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 25 फरवरी 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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