महाभारत के 18 पर्वों की सूची
महाभारत के 18 पर्वों की सूची
| पर्व संख्या | पर्व का नाम | श्लोक संख्या (लगभग) |
|---|---|---|
| 1 | आदिपर्व | 9,984 |
| 2 | सभापर्व | 2,511 |
| 3 | वनपर्व (अरण्यपर्व) | 11,664 |
| 4 | विराटपर्व | 2,050 |
| 5 | उद्योगपर्व | 6,698 |
| 6 | भीष्मपर्व | 5,884 |
| 7 | द्रोणपर्व | 8,909 |
| 8 | कर्णपर्व | 4,964 |
| 9 | शल्यपर्व | 3,220 |
| 10 | सौप्तिकपर्व | 870 |
| 11 | स्त्रीपर्व | 775 |
| 12 | शान्तिपर्व | 14,732 |
| 13 | अनुशासनपर्व | 8,000 |
| 14 | अश्वमेधिकपर्व | 3,320 |
| 15 | आश्रमवासिकपर्व | 1,506 |
| 16 | मौसलपर्व | 320 |
| 17 | महाप्रस्थानिकपर्व | 320 |
| 18 | स्वर्गारोहणपर्व | 209 |
| कुल योग | 85,936 |
ध्यान देने योग्य बातें:
- ये आँकड़े परम्परागत पर्वसंग्रह की गणना पर आधारित हैं। अलग-अलग संस्करणों (गीताप्रेस, भांडारकर/BORI समीक्षित संस्करण आदि) में गणना भिन्न मिलती है।
- महाभारत को प्रायः "शतसाहस्री संहिता" यानी एक लाख श्लोकों का ग्रन्थ कहा जाता है, जबकि इन पर्व-वार आँकड़ों का योग लगभग 86 हज़ार आता है। यह अन्तर संस्करणों, हरिवंश (खिल पर्व) को जोड़ने या न जोड़ने और गणना की विधि के कारण है। इसलिए लेख में "लगभग" शब्द रखना उचित रहेगा।
मुकेश श्रीवास्तव
आत्मसन्तुलन आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र
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