ख्वाबों के असमा को चांद सुनहरा चाहिए
मुकेश जो सिर्फ मेरा हो साथी ऐसा चाहिए
मुकेश इलाहाबदी ----------------------------
मुकेश जो सिर्फ मेरा हो साथी ऐसा चाहिए
मुकेश इलाहाबदी ----------------------------
“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”