ऐ खुदा तू ये बता,


बैठे ठाले की तरंग ---------------
ऐ खुदा तू ये बता,
वो हमसे दूर क्यूँ हुई ?
उसकी कुछ मजबूरियां थी ?
या हमसे कुछ भूल हुई ?
राह जो फूलों से गुज़र रही थी,
वह अचानक शूल क्यूँ हुई ?
ऐ खुदा ये बता - वो हमसे दूर क्यूँ हुई ?
( मित्र एस एस रावत जी के द्वारा सूनी हुई व्यथा से)
मुकेश इलाहाबादी ---------------------------------------
 

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है