तू अपने हाथो से मेरी प्यास बुझाए


बैठे ठाले की तरंग -----------------

तू अपने हाथो से मेरी प्यास बुझाए
मै अपने हाथो से तुझे जाम पिलाऊ
क्या  अजब शमा  होगा  मैखाने का
जब शाकी और दोनों को नशा होगा

मुकेश इलाहाबादी ------------------

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