यूँ तो हम वो परवाने हैं,

यूँ तो हम वो परवाने हैं,
जो मौत से नहीं डरते
फिर भी -- 
डरते हैं,
कि
बिना पास आये
आपकी ये नजाकत
और ये शराफत मेरी जान न लेले
 

मुकेश इलाहाबादी ------------------

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