न माँगता वो तेरी तस्वीर तो क्या करता ?

न माँगता वो तेरी तस्वीर तो क्या करता ?
ख़्वाबों मे आ आ के जो चली जाती हो तुम
मुकेश इलाहाबादी --------------------------

Comments

  1. सुंदर रचना
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    बधाई

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है