अपनी धुन का पक्का है


 


















अपनी धुन का पक्का है
मन का लेकिन सच्चा है

थोडा गुस्सा थोडा प्यार
दिल तो उसका बच्चा है

कभी न उतरे तेरा रंग,,
रंग तेरा इतना पक्का है

तेरी महकी - 2 साँसों से
दिल धडके जैसे पत्ता है

 बातें तेरी मीठी मीठी पर
 बोसा तेरा खट मिट्ठा है

मुकेश इलाहाबादी -------


Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है