उनकी हया का आलम तो देखिये,,

उनकी हया का आलम तो देखिये,,
ख्वाब मे भी चिलमन से झांकते हैं
मुकेश इलाहाबादी ---------------------

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बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है