चाहा तो था दर्द उनका सीने मे छुपा लूं ,

चाहा तो था दर्द उनका सीने मे छुपा लूं ,
वो तो कम्बख्त आंसुओं ने दागा दे दिया
मुकेश इलाहाबादी -------------------------

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बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है