ये तो ज़माना है जिसने तजुर्बे की तहरीर लिख दी




ये तो ज़माना है जिसने तजुर्बे की तहरीर लिख दी
वरना हम तो साफ़ और खाली सफा हुआ करते थे
मुकेश इलाहाबादी ------------------------------
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