ज़रा से हादसे में ही बदल जाता है


ज़रा से हादसे में ही बदल जाता है
खूबसूरत चेहरा देख मचल जाता है

पा के तेरी बाहों का सहारा ये दिल
हर बार गिरने से संभल जाता है

मेरा दिल हो या गोया कोई बच्चा
ज़रा सी मुहब्बत में बहल जाता है

ये तेरी जादुई छुअन का ही है जादू
सुर्ख अंगारा फूल में बदल जाता है

मुकेश इलाहाबादी ------------------

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है