पी कर बहके नही

पी कर बहके नही
टूट के बिखरे नही
रिश्ते निभाया कियेे
चालाकी करते नही
खुशियॉ मिली जब
देर तक चहके नही

अक्सरहॉ ग़म अपने
किसी से कहते नही

गजल में मुकेश हम
बेवकूफी लिखते नही

मुकेश इलाहाबादी .....

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