खुद को सबसे बडा मानता है

खुद को सबसे बडा मानता है
कद अपना बौनो से नापता है
है नजूमी खुद फुटपाथ पे बैठा
पर दूसरों का भाग्य बाचता है
उपर वाला सबसे बडा मदारी
और इसॉ बंदर सा नाचता है

फ़क्त सत्य अहिसां और प्रेम
उपर वाले के घर का रास्ता है

चॉद को क्या छू लिया मुकेश
इन्सा खुद को खुदा जानता है

मुकेश इलाहाबादी ...............

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