ये मत कहना मै झुट्ठा हूँ

तुम्हारे,
सपने में
आते हैं
कंगना, पायल
बिछिया, झुमका
लहंगा
चाँद, तारे,फूल
खुशबू
सावन
झूला
और
मेरे सपने में
सिर्फ 'तुम'

(अब, ये मत कहना मै झुट्ठा हूँ )

मुकेश इलाहाबादी --

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