तुम्हारे ईश्क़ के असर मे हूं

तुम्हारे ईश्क़ के असर मे हूं
इक अरसा हुआ सफर मे हूं
यहां कौन पूछेगा, हाल मेरा?
मै इक अजनबी शहर मे हूं
गु़मनाम ही रहना चाहता हूं
मगर मै सबकी नज़र मे हूं
तुमसे मुलाकात के बाद, मै
आज की ताजा खबर मे हूं
पार उतरुं तो हाल पूछ लेना
अभी तो मै बीच भंवर मे हूं
मुकेश इलाहाबादी ------------

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