यूँ सज संवर के अईना न देखा करो!

यूँ सज संवर के अईना न देखा करो!  
अाईने के भी दिल कांच के होते हैं !
मुकेश इलाहाबादी -------------------

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बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है