महफ़िलों में जब भी आप सज-संवर के आते हैं

महफ़िलों में जब भी आप सज-संवर के आते हैं
आप को देखने फ़रिश्ते भी आसमान से आते हैं

मुकेश इलाहाबादी ----------------------------------

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बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है