तड़पता है तो सिर्फ तेरे लिए तड़पता है

तड़पता है तो सिर्फ तेरे लिए तड़पता है
वर्ना तो दिल मेरा हरदम  खुश रहता है

यूँ तो  मेरा गुले दिल मुरझाया मिलेगा
पाऊँ तेरा साथ तो खिला खिला रहता है

सूरज की कड़ी धूप मेरा क्या कर लेगी
तेरी यादों का साया सिर पे जो होता है

मुकेश इलाहाबादी ---------------------

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