सलमा - सितारा

जब,
तुम अपनी उलझी लटों
को संभालते हुए
रसोंई के कामो को अधूरा छोड
मेरी अधूरी पहनी कमीज पे
टाँकती हो बटन
तब तुम बटन नहीं
रिश्तों की चादर पे 
टाँक रही होती हो, सलमा - सितारा

मुकेश इलाहाबादी ----------------

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